Complaint of capitation fee charged by De Nobili School at koradih Katras Dhanbad – JH/02/21/CHILD

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Case / File No : JH/02/21/CHILD


Subject : Complaint of capitation fee charged by De Nobili School at koradih Katras Dhanbad


Date : 12.02.2018


05.03.2018 : letter issued by NCPCR


21.05.2018 : Reminder- letter issued by NCPR


 


 

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No payment to 20 trainee in Chief Minister Skill Development and family empowerment program at Kanker Chattisgarh – CG/01/21/LAB

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Case / File No : CG/01/21/LAB


Subject : No payment to 20 trainee in Chief Minister Skill Development and family empowerment program at Kanker Chattisgarh


Date : 13.02.2021


14.02.2021 : COMPLAIN SENT TO CHATTISGARH HUMAN RIGHTS COMMISSION


 


 


Name : 20 WOMEN AT KANKER, CHATTISGARH


Address : KANKER


District : KANKER


State : CHATTISGARH


Name : VIKASH MOTWANI


Address : KANKER


District : KANKER


State : CHATTISGARH


Estimated Funds Required For This Case : 1000


Currently Funds Raised : VACANT


Name :


Address : VACANT


District : VACANT


State : VACANT


दहेज में बाइक और चैन अंगूठी ने मिलने पर पति ने पत्नी को जलाया, 11 महीने पहले किया था प्रेम विवाह

दहेज में सोने की अंगूठी, चैन और बाइक न मिलने से नाराज पति ने पत्नी को जला कर मरने की कोशिश की हैं I महिला की हालत गंभीर हैं गांव कालमेघा, पंचायत- अमरसिंह पुर जिला कटिहार निवासी ब्रिज कुमार सिंह की बेटी प्रियंका कुमारी ने पिछले साल दिसम्बर 2019 धर्मेन्द्र के साथ प्रेमविवाह किया थाI

कटिहार । सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। प्रेम विवाह किया और दहेज में सोने की अंगूठी, चैन बाइक न मिलने से नाराज पति ने अपनी पत्नी को जिंदा जलाने की कोशिश की हैं I महिला के परिवारवालों ने हेल्पिंग ह्यूमन फाउंडेशन से शिकायत करते हुए आरोप लगाया हैं उनकी बेटी के पति ने दहेज में सोने की अंगूठी चैन न मिलने पर उनकी बेटी को जलाकर हत्या करने का प्रयास किया हैंI

मूलत: गांव कालमेघा, पंचायत-अमरसिंह पुर जिला कटिहार निवासी प्रियंका कुमारी (19) की शादी 2019 में गाँव रामचंद्रपुर, पंचायत केवाला, जिला कटिहार निवासी धर्मेन्द्र से हुई थी । दोनों ने प्रेम विवाह किया था।

महिला के परिवारवालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज में बाइक सोने की अंगूठी और चैन न मिलने से नाखुश ससुरालवाले और पति बात बात पर प्रियंका को प्रताड़ित करने लगे। दहेज में बाइक सोने की अंगूठी और चैन न मिलने की बात को लेकर बहुत बार विवाद भी हुआ था। प्रियंका के परिवार वालो ने बताया की प्रियंका का पति प्रियंका के साथ हर रोज मारपीट करता था और कई बार तो प्रियंका के साथ मारपीट करते हुए प्रियंका के मा बाप को फोन पर उसकी चीख पुकार की आवाज़ सुनाकर सोने की अंगूठी और चैन की मांग करता था I

शनिवार की सुबह दोनों पति-पत्नी में दहेज़ में बाइक के साथ सोने की अंगूठी और चैन की मांग को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान उसके पति ने गाली-गलौज कर उसकी पिटाई कर दी। और उसी दिन शनिवार को गुस्साए धर्मेन्द्र ने प्रियंका पर ज्वलनशील पदार्थ डाल कर माचिस जलाकर आग लगा दी, जिससे प्रियंका बुरी तरह झुलस गई। इसके बाद प्रियंका के ससुराल वालो ने प्रियंका को आनन-फानन में इलाज के लिए उसे अस्पताल ले गये। अस्पताल वालो ने इस घटना की जानकरी पुलिस को कर दी लेकिन खबर लिखने तक इस घटना की सूचना पर पुलिस अभी तक महिला का बयान दर्ज करने के लिए नहीं पहुची और न कोई कार्यवाही शुरू की हैं

महिला 80 फीसदी झुलस गई है। इस घटना की सूचना मिलते ही उसके परिजन भी पहुंच गए।

इस घटना की खबर मिलते ही प्रियंका के मायके वाले अस्पताल पहुंच गए। और उन्होंने हेल्पिंग ह्यूमन फाउंडेशन से मदद मांगते हुए न्याय की गुहार लगायी हैं । महिला के परिजन ने धर्मेन्द्र के माता-पिता पर भी प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं और उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है।

हेल्पिंग ह्यूमन फाउंडेशन ने प्रियंका को न्याय दिलाने के लिए आश्वासन दिया हैंI

स्वास्थ सुविधाओ से वंचित हैं कसमार गाँव,10000 आबादी होने के बाद भी नहीं हैं आसपास कोई हॉस्पिटल

झारखण्ड के पलामू जिले में तरहसी तहसील के कसमार गाँव में लगभग 10000 से अधिक की आबादी के बावजूद गाँव में या आसपास नहीं कोई भी सरकारी हॉस्पिटल

झारखण्ड के पलामू जिले में तरहसी तहसील के कसमार गाँव में लगभग 10000 से अधिक की आबादी के बावजूद गाँव में या आसपास नहीं कोई भी सरकारी हॉस्पिटल

वर्ष 2000 में केंद्र सरकार ने 15 नवम्बर (आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के जन्मदिन पर) को बिहार के दक्षिणी हिस्से को विभाजित कर झारखण्ड प्रदेश का सृजन किया गया एवं झारखण्ड को भारत का 28 वाँ राज्य बनाया गया । झारखण्ड प्रदेश बनने के बाद नागरिको में एक नई उम्मीद जगी की उन्हें अब शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ सम्बंधित सुविधाये अब और बेहतर तरीके से मिलेंगी . लेकिन 20 साल बाद भी प्रदेश में कुछ खास बदलाब नहीं हुआ .

2020 में हेमंत सोरेन की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिए 86370 करोड़ रुपये का बजट झारखंड विधानसभा में पेश किया । बजट में किसानों, आदिवासियों के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा के दायरे में शामिल राज्य के 57 लाख परिवारों पर फोकस किया गया था। सरकार ने पूर्व में किए गए वादे के अनुरूप किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा की थी । इस बाबत बजट में 2000 करोड़ रुपये के प्रावधान भी किया गया । बजट में जहां 57 लाख परिवारों को मुफ्त धोती, साड़ी और लुंगी देने की बात कही गई , वहीं 300 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को 100 यूनिट मुफ्त बिजली के साथ-साथ 100 मोहल्ला क्लिनिक खोले जाने का प्रावधान भी किया गया। और स्वास्थ से सम्बंधित अनेको योजनाओ की घोषणा की गयी

झारखंड की हेमंत सरकार ने नए वित्‍तीय वर्ष का बजट में 86 हजार 370 करोड़ रुपये की योजनाएं शुरू की थी । गरीबों के लिए खजाना खोलते हुए सरकार के वित्‍त मंत्री रामेश्‍वर उरांव ने किसानों के लिए ऋण माफी योजना की घोषणा करते हुए 2000 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्‍ताव दिया था। 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली के साथ ही 100 मोहल्‍ला क्लिनिक खोले जाने और मुख्‍यमंत्री कैंटीन योजना की शुरुआत की गई । खजाने का मुंह खोलते हुए ग्रामीण इलाकों में मुफ्त परिवहन योजना के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीण इलाकों में घर बनाने वाले गरीबों को 50 हजार रुपये अधिक दिए जाने की घोषणा भी की गई ।

स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण घोषणा

आदिवासी बहुल इलाकों में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 40 हज़ार रुपए अतिरिक्त प्रति माह देने की घोषणा । अन्य डॉक्टरों को 25 हज़ार रुपये दिए जाने की बात भी की गयी थी । शहरी क्षेत्रों के स्लम में 100 मोहल्ला क्लीनिक खोलने की योजना के साथ साथ एपीएल परिवारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की बात की गयी थी । 8 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को गंभीर बीमारी के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की योजना में इलाज के दौरान हुए खर्च का वहन राज्य सरकार द्वारा करने की बात की गई ।
एक हजार 92 स्वास्थ्य उप केंद्रों को हेल्थ एवं वेलनेस केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना


रांची स्थित रिनपास परिसर कांके में 300 बेड वाले कैंसर हॉस्पिटल खोला जाएगा, 100 बेड वाले अस्पताल का अगले वर्ष से संचालन होगा।
राज्य के सभी ग्रामीण चिकित्सा संस्थानों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व उप स्वास्थ्य केंद्रों हेल्थ एवं वेलनेस केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना है। आगामी वित्तीय वर्ष में एक हजार 92 स्वास्थ्य उप केंद्रों को हेल्थ एवं वेलनेस केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, झारखण्ड सरकार का दावा था की वजट में स्वास्थ्य से सम्बंधित योजनाओ से ग्रामीणों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलेगी । लेकिन जमीन हकीकत से इन वादों का दूर दूर तक कुछ

लेकिन जमीन हकीकत से इन वादों का दूर दूर तक कुछ लेना देना नहीं हैं , और इन वादों की पोल खोलती हैं पलामू जिले का तरहसी तहसील का कसमार गाँव, इस गाँव में इस समय लगभग 10000 से अधिक आबादी हैं और स्वास्थ सुविधा के नाम पर सिर्फ और सिर्फ न पुरे होते वादे .

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैय्या कराए जाने के शासन और सरकार के सारे दावे सिर्फ कागजी हैं। एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना से जंग लड़ रही है। भारत में कोरोना के प्रतिदिन संख्या बढ़ रही हैं। संक्रमण ग्रामीण भारत में तेजी से पैर पसार रहा है, तो दूसरी ओर झारखण्ड के जिला पलामू के लोग अस्पताल के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।

कसमार गाँव के पास बलियारी गाँव में एक सी एच सी सरकारी हॉस्पिटल हैं और इस हॉस्पिटल में डाक्टरों की जगह जानवर और गंदगी मिलती हैं

लगभग 10,000 से अधिक आबादी के इस गाँव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अब हेल्पिंग ह्यूमन (HELPING HUMAN NGO) से शिकायत की हैं .

पलामू जिले का तरहसी तहसील का कसमार गाँव के निवासियों से हेल्पिंग ह्यूमन ने जल्द से जल्द उनकी मदद करना का आश्वासन दिया हैं

Science Borders – The Role of Principle

A lot of the time, science borders on theory.

We dwell in a civilization that respects nothing more but technical skills and know how.

In today’s society, it’s a typical sight to find kids and young adults in an science average, engaging in experiments that provide”evidence” of the significance of a specific scientific theory. The students are probably far too young to understand the gap between wisdom and theories Although we are left with lots of unanswered questions.

About the other hand, theories are based on the facts. An idea isn’t anything greater than a hypothesis, yet, it stays as legitimate as every . Theories tend to change.

It is important to be aware that if we make use of the term”idea,” we have been referring to your specific idea that already has been proven, quite often in the sort of fresh understanding. For instance, if your health care provider provides a diagnosis a theory is being used by the doctor.

You will find various kinds of explanations and concepts, all which can be applied to a person’s notion. For that reason, when we talk about a theory, we are speaking to your certain notion, usually referred to as a”fact.”

By altering the reality, Just as you’s beliefs, they may often be changed. You can then alter your belief to fit with the fresh facts, if a thing does not accept your own theory.

At the exact very same token, somebody’s intellect to simply accept new ideas can be forced by the truth. The reason the reason shift is an essential element to our existence and comprehension of the own world this really can be.

That our individual nature is learnt by us through everyday life experiences and instruction. The fact is the fact that for every simple fact, there are theories which, if acknowledged, may change the universe and set the stage for fresh discoveries.

The attractiveness of owning facts is the fact that we may shift our place from the world and our perception of life. We have embraced our purpose As we’ve discovered just how to realize.

They don’t find out how exactly to think, If folks come into this world, but they truly are science borders write my essay for me cheap and are prepared to initiate a travel through their lifetimes should they learn how to presume. Science takes us to think about the things which surround us every single day and let’s look at s3.amazonaws.com living through a perspective that is brand fresh.

One thing that’s ordinary is that individuals become interested by concepts and search for explanations. As they’re innovative and sometimes controversial, of us are thinking about concepts.

All science involves a knockout post fundamentals theories are changing. The following course of action is meant to instruct us to be more amenable also to embrace change and to change.

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झारखण्ड : निर्माणाधीन RBB हाईस्कूल राजगंज पहुँची ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन झारखंड की टीम, काम में लापरवाही और अनमियता की मिली थी जानकारी।

समाचार पत्र के माध्यम से Helping Human Rights Foundation झारखण्ड स्टेट प्रेसिडेंट आमिर नदीम अंसारी को पता चला की RBB हाई स्कूल राजगंज धनबाद में विकास कार्यों में लापरवाही के साथ अनमियता बरती जा रही है। तो मामले को अपने संज्ञान में लेने के बाद आमिर नदीम अंसारी HHRF के RTI एक्टिविस्ट शंकर महतो जी के साथ स्कुल में पहुंच गए और वहाँ के ठेकेदार राज बिहारी सिंह और bccl के इंजीनियर पुनीत सिन्हा से बात हुई।

ठेकेदार और इंजीनियर ने बताया की अभी तो काम चल रहा है, पूरा काम होने के बाद हेल्पिंग ह्यूमन झारखंड टीम को सुचना दे दी जाएगी उसके बाद आप आकर देखना की जो आपसे शिकायत की हैं वो कार्य अपने मनको के अनुशार हुआ हैं या नहीं। सिन्हा जी ने कहा जब हम आपको खुद बुलाने की बात कह रहे हैं तो काम में लफरवाही हमारे लिए रखना मुमकिन नहीं हैं जितना होगा हम काम को और अच्छे व् बेहत्तर तरीके से जल्द पूरा कर देंगे।

ठेकेदार ने सब निर्माणाधीन जगह को दिखाया साथ ही निर्माणधीन सभी कार्य स्थलों का खुद आमिर जी और शंकर जी ने मुआवना किया। अभी फिलहाल सबकुछ वहाँ पे ठीक और सही तरीके से चल रहा हैं । आमिर जी ने कहा कि शिक्षा का मंदिर बन रहा है उम्मीद है इस मंदिर को अच्छे से बनाएंगे। जिसमे हमारे देश के बच्चों का उज्वल भविष्य बनेगा। ठेकेदार ने भी आश्वासन के साथ कहा आप बिल्कुल चिंता न करें सबकुछ अच्छे से बनाएंगे। ठेकेदार ने कहा हमें पता हैं की आगे अगर कुछ गड़बड़ी पाई गई तो उसे देखने के लिए और उसपर कार्यवाही कराने के लिए हेल्पिंग ह्यूमन झारखंड हमारे सामने खड़ी हैं जो हमेशा लोगो की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं

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फर्रुखाबाद: दुष्कर्मी पिता ने ही अपनी नाबालिग बेटी की तार तार की आबरू, माँ और मामा ने दर्ज की शिकायत।

फर्रुखाबाद में पुत्री के साथ दुष्कर्म करने और दोस्तों से भी कराने के आरोप में फंसे लेखपाल की गिरफ्तारी को पुलिस की टीमों ने दबिश दी। इसकी भनक लगते ही लेखपाल अपने एक खास साथी के साथ फरार हो गया है। एसपी ने कोतवाल को तलब कर 24 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।मुकदमे के विवेचक ने महिला सिपाही से पीड़ित पुत्री के बयान दर्ज करवाए हैं। एक महिला ने फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र की चौकी कर्नलगंज के एक मोहल्ला निवासी लेखपाल पति और उसके दोस्तों पर नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी लेखपाल की तलाश में पुलिस की कई टीमों ने सोमवार को दबिश दी।आरोपी लेखपाल अपने दोस्त के साथ फरार हो गया है। एसपी डॉ अनिल मिश्रा ने सोमवार को कोतवाल जसवंत सिंह व सीओ मन्नी लाल गौंड को तलब कर अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। कोतवाल ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। विवेचना कर रहे दरोगा धर्मेंद्र यादव को एसपी ने शीघ्र पीड़िता का बयान दर्ज कर मेडिकल करवाकर चार्जशीट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

एसपी ने लेखपाल को पकड़ने के लिए कोतवाल के अलावा स्वाट टीम को लगाया है। पुलिस ने लेखपाल के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगवाकर उसकी खोजबीन शुरू कर दी है।  सूत्रों के अनुसार रविवार को लेखपाल शहर में ही घूमते देखा गया। पुलिस चाहती तो मुकदमा दर्ज होने से पहले ही उसको पकड़ सकती थी।पुलिस ने हीलाहवाली बरती और आरोपियों को भागने का मौका दिया। विवेचक ने महिला सिपाही सांत्वना यादव से पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज करवाए। उस दौरान छात्रा की मां उसके साथ मौजूद रही। कोतवाल ने बताया कि पुलिस की कई टीमें काम कर रही है। शीघ्र ही लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

लेखपाल ने मुकदमा दर्ज होने के बाद अपने साले व सहायक बैंक मैनजर की पत्नी के व्हाट्सएप पर रविवार की रात मैसज भेजा। इसमें लिखा कि मेरी मौत के जिम्मेदार जिले के एक अधिकारी, मेरी पत्नी, पुत्री व मेरा साला होगा। सोमवार को कोतवाली आए पीड़िता के मामा ने पुलिस को इस बारे में जानकारी दी।
आरोपी लेखपाल को जब पता चला कि साले व पत्नी ने पुत्री को साथ ले जाकर महिला आयोग की सदस्य व एसपी से उसकी शिकायत की है तो उसने 29 दिसंबर को साले के घर पर हमला कर दिया थ। साले के घर के बाहर खड़ी कार तोड़ दी और पिस्टल निकालकर जान से मारने के लिए दौड़ा था। सलहज ने पति को कमरे में बंद कर ताला डाल दिया। लेखपाल काफी देर तक हंगामा करता रहा और साले को गोली से मारने की धमकी दी।

इस मामले में साले ने रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आनलाइन प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस अब तक प्रकरण की जांच भी नहीं पूरी कर सकी है। वहीं साले का कहना है कि वह भयभीत है। पहले पिता पर भी जानलेवा हमला लेखपाल ने किया था। उस मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में लेखपाल के जेल जाने पर समझौता कर लिया गया था। पुलिस रपोर्ट दर्ज नहीं करेगी तो वह ऊपर के अधिकारियों से गुहार लगाएगा।

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दिल्ली ओखला की मुस्लिम बस्ती में बुनियादी और जीवन की जरुरी सुविधाओं का हैं अभाव

यहां के निवासियों का कहना है कि पानी की पाइप लाइन बिछ गई है, लेकिन अभी तक सुचारु रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।

दिल्ली का ओखला का एक ऐसा मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहां से दिल्ली की राजनीति में काफी अहम् और महत्वपूर्ण भूमिका रहती हैं लेकिन इस विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का एक हिस्सा पॉश इलाका कहलाता है, जिसका नाम है न्यू फ्रें ड्स कॉलोनी। यह इसी निर्वाचन क्षेत्र के दूसरे इलाके जाकिर नगर से कई मायनों में बिल्कुल अलग है। जाकिर नगर में पीने के पानी, बेहतर सड़कों और पक्की नालियों जैसी बुनियादी सुविधाओं का बहुत अभाव था।

बीते पांच वर्षो के दौरान दिल्ली सरकार ने इस निर्वाचन क्षेत्र के कई हिस्सों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन तो बिछा दी, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड से जलापूर्ति नहीं हो रही है। यहां के निवासियों का कहना है कि पानी की पाइप लाइन बिछ गई है, लेकिन अभी तक सुचारु रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। सीवरेज सिस्टम नहीं होने के कारण इलाके में जलभराव की समस्या है। हाजी कॉलोनी, जसोला गांव और शाहीनबाग जैसे इलाकों के लोग जलसंकट से जूझ रहे हैं। इस इलाके में बेहतर प्राथमिक शिक्षा की सुविधा की भी कोई खास अच्छी नहीं हैं इसमें अभी बहुत सुधार की जरूरत है।

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मुजफ्फरनगर रेप पीड़िता के परिवार ने पुलिस पर लगाया थाने में बुलाकर पीटने का आरोप, पीडिता ने कार्यवाही न होने पर कर ली थी आत्महत्या

पिछले साल अक्टूबर महीने के शुरुआती दिनों में मुजफ्फरनगर यूपी में एक 21 वर्षीया लड़की ने रेप और उसके बाद मिली मानसिक प्रताड़ना के चलते आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब एक नया मोड़ आया है जब पीड़िता के परिवार वालों ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर थाने में पीटने के आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं परिवार का कहना है कि यूपी पुलिस ने पिछले साल दिवाली के आस-पास भी परिवार को प्रताड़ित किया था।

पीड़िता के पिता सुभाष चंद ने पुलिस पर आरोप लगते हुए बताया की ‘थाने के पुलिस वाले बात बात पर गालियां देकर बात करते हैं। क्योकि उन्होंने आरोपी परिवार से पैसे लिए हैं, इसलिए हमें गालियां देते हुए कहते हैं कि पैसे की खातिर अपनी बेटियों का बलात्कार करवाते हैं। हमारे लिए ऐसे शब्द इस्तेमाल करते हुए शारीरिक और मानसिक रूप रूप से इतना प्रताड़ित करते हैं की मैं बता भी नहीं सकता.’

परिवार ने पीड़िता की बहन के सूजे हुए गाल की तस्वीरें दिखाई हैं। सुभाष का कहना है, बीते 28 दिसंबर को पुलिस ने हमें सूचित किया था कि हमें थाने में केस के संबंध में बयान देने जाना है। मेरा बेटा अस्पताल में था क्योंकि उसका एक्सीडेंट हुआ था। 8 जनवरी  को मैं घर आया हूं और अगली सुबह मैंने पुलिस से फोन कर समय के बारे में पूछा था। 9 तारीख को ही मेरे फोन के करीब डेढ घंटे बाद पुलिस का फोन आया कि अपनी बेटी व बीवी को लेकर गवाही के लिए थाने आ जाओ। वो आगे कहते हैं, उसी दिन मैं, मेरी पत्नी और मेरी बेटी डेढ बजे के आसपास थाने गए। वहां मेरी बेटी को सीओ और एक महिला पुलिसकर्मी ने पीटा, मुझे भी मारा, हमें गालियां दीं। इस बीच किसी एक्सीडेंट के चलते एसएचओ बाहर चले गए थे। उसके बाद हमें अलग अलग कमरों में 5 घंटे बाद तक थाने में बैठाए रखा।

एसएचओ पवन कुमार शर्मा इस बात को सिरे से नकारते हैं, ‘हमने उनके साथ कोई मारपीट नहीं की है। ये परिवार पिछले एसएचओ के लिए भी बड़े अधिकारियों को इस तरह के प्रार्थना पत्र लिखकर पैसे ऐंठने की कोशिश करता था, मेरे साथ भी यही कर रहे हैं। उस दिन हम एक्सीडेंट के एक केस के चलते बाहर चले गए थे। ये लोग ही पुलिस को धमका रहे थे और नखरे दिखा रहे थे।

बता दें कि पिछले साल 5 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के बढ़ीवाला गांव की एक 21 वर्षीय लड़की ने आत्महत्या कर ली थी। पीड़िता ने मरने से पहले अपने हाथों पर आरोपियों के नाम लिखे हुए थे। एसएचओ पवन कुमार ने बताया कि इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। इससे पहले ये केस एसएसआई सुरेश पाल सिंह के पास था। पवन कुमार शर्मा का तबादला हाल में ही छपार पुलिस थाने हुआ है। जिसके बाद ये केस उन्हें सौंपा गया है। शर्मा के मुताबिक वो इस मामले की शुरुआत से जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया, मैंने लड़की के हाथ पर लिखे मिले सुसाइड नोट को उसकी असली लिखावट से मैच करवाने के लिए आगरा दोबारा जांच शुरू करवाई है।

शर्मा जी ने बताया, मुझे ये केस संदेहास्पद लग रहा था क्योंकि कोई भी अपने पति के दूसरे संबंध बर्दाशत नहीं कर सकती है। अगर ये यकीन भी करें कि लड़की के मामा ने बलात्कार किया है तो ये कैसे यकीन करें कि मामी ने दरवाजा बंद करके ये सब करवाया। एसएचओ के मुताबिक लड़की के परिवार का रिकॉर्ड पैसे लेकर मामले निपटाने का रहा है।

लेकिन एसएचओ की बात पर आपत्ति जताते हुए सुभाष कहते हैं कि पूरा गांव उनके ‘खिलाफ’ हो गया है। आरोपी परिवारों ने हम पर दबाव बनाकर कागजों पर साइन कराने की कोशिशें भी की हैं ताकि ये केस वापस लिया जा सके। मेरी एक बेटी शादी लायक है, उसकी भी शादी करनी है। अगर हम केस वापस लेते हैं तो ये मेरी मरी हुई बेटी के साथ अन्याय होगा। इसलिए इस मामले में पुलिस द्वारा कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं होने पर मैंने सहारनपुर के डीआईजी को पत्र लिखकर कहा था कि मैं आत्महत्या कर लूंगा।

लेकिन पुलिस के मुताबिक पीड़ित परिवार ये सब पुलिस को ब्लैकमेल करने के लिए कर रहा है क्योंकि परिवार के खिलाफ पूरा गांव है।

इससे पहले साल 2015 में भी गांव के ही तीन लड़कों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया था। उस दौरान पोक्सो कानून के तहत मामला दर्ज हुआ लेकिन आरोपी जमानत पर बाहर आ गए। लगातार मिल रहे तानों से तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पीड़िता के पिता अफसोस जताते हुए कहते हैं कि पैसे की कमी और संसाधन के बिना वो केस को आगे तक नहीं ले जा पाए। कई बार पेशी पर नहीं जा सके, इसलिए उनका केस कमजोर होता गया।

उसके बाद पीड़िता के सगे मामा ने भी इस स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ बलात्कार किया था। छपार पुलिस ने पीड़िता की आत्महत्या के बाद धारा 306 के तहत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। तत्कालीन एसएचओ एच एन सिंह ने भी कुछ ऐसे ही आरोप लगाकर परिवार के चरित्र पर शक जाहिर किया था।

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पंजाब :बच्चो की पीड़ाभरी पाठशाला, गलन भरी ठंड में जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं मासूम, टूटी छतें,पानी नहीं और सरकारी स्कूलों में तो स्टाफ तक पूरा नहीं

तस्वीरों में देखिए एक पाठशाला, जहां बच्चे गलन भरी ठंड में जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। जबकि इन स्कूलों को स्मार्ट बनाने के नाम पर शिक्षा विभाग को इनाम मिलने जा रहा है। 

नीचे बैठकर पढ़ाई करते स्कूली बच्चे
नीचे बैठकर पढ़ाई करते स्कूली बच्चे

फिरोजपुर जिले में ऐसे सैकड़ों स्कूल हैं, लेकिन शिक्षा विभाग सरकारी प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के नाम पर 11 जनवरी को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने जा रहा है। गांव अलीके के स्कूल में 349 बच्चों के लिए चार कमरे हैं और 60 बैंच हैं। इनमें से तीस बैंच टूटे हैं। इतने बैंचों पर सिर्फ 120 बच्चे ही बैठकर पढ़ सकते हैं। कमरों की छतें जर्जर हैं, लेकिन रंग-रोगन कर इन्हें चमका दिया गया है। बारिश में छत से पानी रिसता है और क्लास रूम भर जाता है। एक कक्षा में 50 से अधिक बच्चे हैं, जबकि 30 होने चाहिएं। सुबह 10.33 बजे स्कूल पहुंचे तो बच्चे जमीन पर बैठे ठिठुर रहे थे। इसके बाद एक निर्माणाधीन घर में पहुंचे, जहां इसी स्कूल के बच्चों की कक्षाएं छत पर लगी हुई थीं। ग्रामीण सुरजीत सिंह और मंगल सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले स्कूल गांव के गुरुद्वारे में लग रहा था।

नीचे बैठकर पढ़ाई करते स्कूली बच्चे
जर्जर हालत में कमरे की दीवारें

वहीं शिक्षकों का कहना है कि स्मार्ट स्कूल का मतलब स्कूल के सभी कमरों में ई-कंटेंट (स्क्रीन प्रोजेक्ट), दीवारों पर अच्छी तस्वीरें, इंग्लिश मीडियम, बच्चे टाइ-बेल्ट बांधकर आएं, शुद्ध पीने का पानी, फर्नीचर, मजबूत कमरों के अलावा अन्य और चीजें हैं। जो स्कूल इन सभी जरूरतों को पूरी करता हो, उसे स्मार्ट स्कूल कहते हैं। पंजाब के सरकारी स्कूलों में तो स्टाफ ही पूरा नहीं है, उपरोक्त सुविधाएं तो दूर की बात हैं उप जिला शिक्षा अधिकारी (प्राइमरी) सुखविंदर सिंह का कहना है कि 838 प्राइमरी स्कूलों में से 638 को स्मार्ट स्कूल में तब्दील किया है। 656 आरओ लगाए गए हैं, 124 क्लास रूम बनाए गए हैं। 11 शौचालयों का निर्माण किया गया है। 217 अपर प्राइमरी स्कूलों में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन स्थापित की गई है। 17 करोड़ रुपये खर्च किया गया है। डीईओ ने बताया कि अलीके स्कूल के छह कमरे मंजूर हो चुके हैं। जल्द ही ग्रांट जारी की जाएगी। स्कूलों में स्टाफ भी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

टूटी हुई कमरे की छत